जिंक प्लेटिंग क्या है? जिंक इलेक्ट्रोप्लेटिंग, जिंक प्लेटिंग के प्रकार, जिंक प्लेटिंग प्रोसेस, जिंक प्लेटिंग फार्मूला

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जिंक प्लेटिंग क्या है? ( What is zinc plating?)

जिंक सस्ता व प्रयोग में आसान होने के कारण टीन की चद्दरों, मशीनों के लम्बे चौड़े हिस्सों और टंकियों आदि पर आज भी जिंक प्लेटिंग ही अधिक की जाती है। 

लोहे और इस्पात की बनी वस्तुओं को धूल मिट्टी व गर्द से बचाने व सुन्दर दिखाने के लिए तथा उन्हें जंग आदि से भी बचाने के लिए जिंक की पतली लेयर चढ़ा दी जाती है। सूर्य की किरणों, पानी, वायु और हल्के क्षारों के प्रभाव से यह लोहे की सतह की रक्षा करने में समर्थ है।

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जिंक की हुई सतह से जिंक धातु का समय के साथ-साथ स्वयं क्षरित होना इसका सबसे बड़ा दोष है। तो कुछ स्थानों पर यह दोष ही इसका सबसे बड़ा गुण बन जाता है। अपने इसी गुण या दोष के कारण लोहे, इस्पात आदि धातुओं की बनी वस्तुओं पर किसी सख्त धातु की प्लेटिंग करने से पहले अण्डर कोट (Under Coat) के रूप में जिंक धातु की प्लेटिंग आमतौर पर की जाती है। 

अण्डर कोट के रूप में लोहे की वस्तुओं पर की गई यह जिक प्लेटिंग फाइनल इलेक्ट्रोप्लेटिंग करते समय स्वयं उसी तरह गलती और उतरती रहती है जिस प्रकार एनोड्स क्षरित होते हैं । अपने इस गुण के कारण उन वस्तुओं पर विशेषतः ढले हुए लोहे के पार्टस पर अच्छी व तीव्र गति से फाइनल प्लटिंग करने में यह सहायक सिद्ध होती है। 

जिंक इलेक्ट्रोप्लेटिंग में वस्तु की सतह पर चढ़ी हुई जिंक की मोटाई का माप (Thickness of Zinc layer) बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है क्योंकि समय के साथ-साथ यह प्लेटिंग स्वयं क्षरित होती है अतः आमतौर पर काफी मोटी प्लेटिंग ही की जाती है। प्लेटिंग बाथ्स बनाने के लिए कुछ चुने हुए फार्मूले इस प्रकार हैं।

जिंक प्लेटिंग के प्रकार (Types of zinc plating)

1. एसिड बेस्ड जिंक प्लेटिंग बाथ ( (Acid Based Bath for Zinc Plating)

ढले हुए लोहे के पुर्जी और वस्तुओं (Cast Iron) पर केवल इसी घोल द्वारा प्लेटिंग की जाती है । यह घोल एसिडों पर आधारित है जबकि अन्य घोल सायनाइडों पर आधारित होते हैं। सायनाइड ढलवा लोहे का क्षरण करता है जबकि एसिड बेस्ड घोल लोहे का बिल्कुल क्षरण नहीं करता। अतः ढलवा लोहे की बनी वस्तुओं, लोहे की चादरों और तारों आदि पर जिंक प्लेटिंग करने के लिए इसी बाथ का प्रयोग करना चाहिए वैसे सभी प्रकार की लोहे और इस्पात की वस्तुओं पर इस घोल द्वारा प्लेटिंग की जाती है। 

जिंक प्लेटिंग केमिकल (zinc Plating chemicals)

(A) जिंक सल्फेट (Zinc Sulphate) 300 ग्राम (B) सोडियम क्लोराइड (Sodium Chloride) – 12.5 ग्राम 

(C) एल्यूमिनियम सल्फेट (Aluminium Sulphate) – 19 ग्राम 

(D) बोरिक एसिड (Boric Acid) -:19 ग्राम 

(E) पीली डेक्सट्रीन (Dextrine-Yellow) – 10 ग्राम 

(F) शुद्ध जल (Distiled Water) 1 लीटर

जिंक प्लेटिंग प्रोसेस (zinc plating process)

परिचालम स्थितियां व विधि (The Process)

(a) बाथ का तापमान (Temp. of Bath) – रूम टेम्प्रेचर

(b) करेण्ट डेन्सिटी (Current Density) – 100 से 1000 एम्पी० वर्ग मीटर 

(c) पी० एच (pH.) – 3:5 से 4 तक 

(d) एनोड्स (Anodes)- 99.9% से शतप्रतिशत शुद्ध जिंक के

इस घोल का प्रयोग कांच/ सीसे या रबर का अस्तर चढ़ी (lead or rubber lined) लोहे या लकड़ी की टंकी में किया जा सकता है। इस घोल का तापमान सामान्य ही रहना चाहिए अर्थात् ठण्डा या गर्म करने की आवश्यकता प्रायः नहीं पड़ती। परन्तु 60° अंश फारेनहाइट से कम ताप पर बाथ अच्छी तरह काम नहीं करता अतः जब बाथ 60°F (16°C) से ठण्डा हो जाए तब इसे गर्म करना अनिवार्य हो जाता है । इस घोल में विद्युत करेण्ट की डेंसिटी 100 एम्पीयर से 1000 एम्पीयर प्रतिवर्ग मीटर तक (10 Amp. to 100 Amp. per foot) कुछ भी रखी जा सकती। है। उच्च डेन्सिटी पर घोल को निरन्तर हिलाते व फिल्टर करते रहना आवश्यक है। प्लेटिंग करते समय बीच-बीच में घोल को चैक (analysis) करके पी० एच० (pH) को नियन्त्रित करना नितान्त आवश्यक है। इसके लिए घोल में एसिड का अनुपात कम हो जाने पर कुछ मात्रा में जिंक ऑक्साइड या जिक कार्बोनेट मिलाया जाता‌ है। एल्यूमिनियम सल्फेट तथा डेक्स्ट्रीन वस्तुओं की सतह पर जिंक की कोटिंग अच्छी तरह जमने में भारी मदद करते हैं अतः समय-समय पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में इन्हें घोल में मिलाते रहना चाहिए। 

जिंक प्लेटिंग फार्मूला (zinc plating formula)

2. सायनाइड आधारित जिंक बाथ (Cyanide Based Bath)

इस्पात (steel) के बने हुए मशीन पार्टस आदि पर सायनाइड आधारित जिंक बाथ / घोल का प्रयोग अधिक किया जाता है । सायनाइड मुलायम धातुओं व ढलवां धातओं के लिए घातक सिद्ध हो सकता है अतः इस्पात जैसी सख्त फैरस धातुओं से बनी वस्तुओं की सतह पर जिंक प्लेटिंग करने के लिए ही इस घोल का प्रयोग किया जा सकता है। वास्तविकता तो यह है कि अधिकांश इलेवट्रोप्लेटर्स लगभग सभी वस्तुओं पर जिक प्लेटिंग करने के लिए एसिड बेस्ड बाथ का प्रयोग करना ही अधिक पसन्द करते हैं। मध्यम क्षमता वाले सायनाइड बाथ का फार्मूला इस प्रकार है

सोडियम सायनाइड (Sodium Cyanide) – 120 ग्राम 

सोडियम हाइड्रोक्साइड (Sodium Hydroxide) – 80 ग्राम 

जिक ऑक्साइड (Zinc Oxide) – 40 ग्राम

ब्राइटनर्स (Brightners) – आवश्यकतानुसार 

डिस्टिल्ड वाटर (Distiled Water) 1 लीटर

परिचालन स्थितियां व विधि (How to Use)

इस घोल का प्रयोग स्टील की बनी टंकी (steel tank) में किया जाता है ! बाथ का तापमान 86° फारेनहाइट से 95° फा० (30°C to 35°C) के मध्य रहना चाहिए। यदि इस बाथ में प्रति लीटर पांच ग्राम अधिक सोडियम सायनाइड का प्रयोग किया जाए तो बाथ लगभग 93° अंश फारेनहाइट (34° C) पर भी क्रियाशील रह सकता है। करेन्ट डेन्सिटी प्रति वर्ग मीटर 400 से 800 एम्पीयर (40 to 80 Amp. per foot) रखनी चाहिए तथा प्रति लीटर घोल में कार्बोनेट की मात्रा 75 ग्राम से अधिक न बढ़ने दें।

इलेक्ट्रोप्लेटिंग की प्रक्रिया के मध्य इस घोल में कुछ – अशुद्धताएं स्वयं उत्पन्न होने लगती हैं, अतः अशुद्धिओं को दूर करने के लिए बीच। बीच में स्वल्प मात्रा में कॉमर्शियल जिंक प्युरिफर अथवा सोडियम सल्फाइड का मिश्रण (Commercial Zinc purifier or Sodium sulphide solution) मिलाते रहें । इस घोल में भी शुद्ध जिंक के बने हुए एनोड्स ही प्रयोग किए जाते हैं। इस घोल द्वारा प्लेटिंग की गई वस्तुओं की सतह साफ करने के पश्चात् कुछ मटमेली सी (Brownish) नजर आ सकती है, अतः वस्तुओं को प्लेटिंग घोल से निकालने के पश्चात् एक लीटर पानी में पांच मिलीलीटर नाइट्रिक एसिड मिलाकर बनाए गए बाथ में धोने के बाद सादा पानी से धोएं।

जिंक प्लेटिंग बाथ्स / घोल (zinc Plating bathes)

3. बैरल प्लेटिंग जिक बाथ (Zinc Bath for Barrel Plating)

बहुत छोटी-छोटी वस्तुओं को घूमते हुए ड्रम में भरकर इलेक्ट्रोप्लेटिंग करने समय आमतौर हल्के और मन्दगति से काम करने वाले घोलों का ही प्रयोग किया जाता है क्योंकि न केवल प्लेटिंग की जाने वाली वस्तुएं आकार में छोटी होती है बल्कि बैरल या ड्रम और उसमें भरी वस्तुओं के निरन्तर घूमते रहने के कारण घोल बहुत तीव्र गति से चलायमान रहता है । घोल की यह चंचलता उसकी क्रियाशीलता या अणुषों को फेंकने की शक्ति (throwing power) को कई गुना बढ़ा देती है। यही कारण कि नीचे दिया गया स्वल्पशक्ति का यह सायनाइड घोल बैरल प्लेटिंग में लगभग हर जगह काम आता है परन्तु टैंक प्लेटिंग में इसका प्रयोग तब ही किया जाता है जब स्टील की वस्तुओं पर एकदम काम चलाऊ जिंक प्लेटिंग करनी हो।

(A) सोडियम सायनाइड (Sodium Cyanide) – 55 से 60 ग्राम 

(B) जिंक ऑक्साइड (Zinc Oxide) – 32-33 ग्राम

(C) कास्टिक सोडा (Caustic Soda) – 10 ग्राम

 (D) डिस्टिल्ड वाटर (Distiled Water) – एक लीटर

जिंक प्लेटिंग प्रोसेस (zinc plating process)

प्लेटिंग के लिए (How to Use) 

(a) बाथ का तापमान (Temp. of Bath) – 100° फे० (36°C) 

(b) करेण्ट डेन्सिटी (Density of Current) – 100 से 200 एम्पी. वर्ग मीटर 

(c) करेण्ट एफिशियेन्सी (Current Efficiency) – 84 से 87 प्रतिशत 

(d) वोल्टेज (Voltage) – 3 से 4

(e) पी० एच० (pH) – 13 से 14 

(f) एनोड्स (Anodes) – शुद्ध जिक के 

इस घोल का प्रयोग स्टील के बने हुए बैरल या टैंक में ही करना चाहिए। परिचालन में बाथ और अन्य स्थितियों के नियन्त्रण में उन्हीं प्रकियाओं, सावधानियों व तरीकों का प्रयोग करें जो ऊपर वर्णित सायनाइड आधारित जिंक बाथ को प्रयोग करते समय व्यवहार में लाए जाते हैं। 

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4.जिक प्लेटिंग के दो अन्य बाथ (Two Other Baths)

नीचे हम दो अन्य अति प्रचलित बाथों के फार्मूले दे रहे हैं। इनमें पहला बाथ एसिड बेस्ड है और पहले नंबर पर दिए गए बाथ वाली सावधानियों, परिचालन स्थितियों और विधियों का ही प्रयोग इस बाथ को प्रयोग करते समय करना होगा। 

दूसरा बाथ एल्काइन बेस्ड है तथा इसका प्रयोग करते समय बाथ नं. 2 (सायनाइड बाधारित बाथ) वाली स्थितियों व विधि का प्रयोग किया जाएगा।

(|). एसिड आधारित बाथ (Acid based Bath) 

(A) जिंक सल्फेट (Zinc Sulphate) – 300 ग्राम

(B) सोडियम क्लोराइड (NaCl) – 15 ग्राम 

(C) बोरिक एसिड (HgBos) – 20 ग्राम 

(D) एल्यूमिनियम सल्फेट (Aluminium Sulphate) – 30 ग्राम 

(E) डेक्स्ट्रीन पीला (Dextrin Yellow) – 15 ग्राम

(F) सल्फ्यूरिक एसिड (Sulphuric Acid) (एच्छिक) – तीन ग्राम

(G) पानी (Distileld Water) – एक लीटर

(||). जिक एल्कलाइन बाथ (Zinc Alkaline Bath) 

(A) जिंक ऑक्साइड (Zno) – 40 ग्राम 

(B) सोडियम सायनाइड (NaCN) – 100 ग्राम 

(C) सोडियम कार्बोनेट (Na, Cos) – 10 ग्राम 

(D)पोटाश एल्म (Potas Alm) – 10 ग्राम 

(E) पानी (Distiled Water) एक लीटर

5. जिक ब्राइटनर बाथ (The Brightner Bath)

किसी भी वस्तु पर जिंक प्लेटिंग करने के पश्चात् यदि उसे कुछ क्षण के लिए इस घोल में डुबोकर निकालने के पश्चात् साफ किया जाए तो प्लेटिंग पर अधिक चमक आ जाती है। जिक ब्राइटनर बाथ बाथ या घोल का कम्पोजिशन इस प्रकार है:-

(A) सोडियम सायनाइड (NaCN) – 56 ग्राम 

(B) कास्टिक सोडा (NaoH) – 10 ग्राम 

(C) पानी (Distiled Water) – एक लीटर

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इस आर्टिकल में हमने जिंक प्लेटिंग के बारे में जानने की कोशिश की जैसे जिंक प्लेटिंग क्या है? जिंक प्लेटिंग क्यों की जाती है? जिंक प्लेटिंग में काम आने वाले केमिकल के बारे में जिन प्लेटिंग प्रोसेस के बारे में और जिन प्लेटिंग में क्या क्या सावधानियां रखनी चाहिए आदि के बारे में हमने जाना।

आगे आने वाले आर्टिकल में हम सोने / गोल्ड प्लेटिंग के बारे में जानेंगे गोल्ड प्लेटिंग कैसे की जाती है? गोल्ड प्लेटिंग में यूज होने वाले केमिकल के बारे में जानेंगे। गोल्ड प्लेटिंग के प्रोसेस के बारे में जानेंगे और क्या क्या सावधानियां रखनी है उसके बारे में जानेंगे।

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